‘राजा राम मोहन राय’ के विषय में सत्य नहीं है?

निम्न में से कौन सा कथन ‘राजा राम मोहन राय’ के विषय में सत्य नहीं है?
1. उन्होंने ‘द प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस: द गाइड टू पीस एंड हैप्पीनेस’ शीर्षक से एक पुस्तक प्रकाशित की।
2. उन्होंने ‘इंडियन रिफार्म एसोसिएशन’ की स्थापना की।
3. उन्होंने ‘आत्मीय सभा’ की स्थापना की।
4. उन्होंने फारसी में ‘तुहफात-उल-मुवाहिदीन’ नाम से एक पुस्तक प्रकाशित की।
उत्तर— 2

व्याख्या:
राजा राम मोहन राय को आधुनिक भारत का जनक एवं भारतीय आधुनिक राष्ट्रवाद का जनक माना जाता है। उन्होंने 1809 ई. में फारसी में ‘तुहफात-उल-मुवाहिदीन’ (एकेश्वरवादियों को उपहार) नामक पुस्तक का प्रकाशन किया था।
उन्होंने 1815 ई. में हिन्दू धर्म के एकेश्वरवादी मत के प्रचार करने के लिए ‘आत्मीय सभा’ का गठन किया। 1820 ई. में उनकी ‘द प्रीसेप्ट्स ऑफ जीसस: द गाइड टू पीस एंड हैप्पीनेस’ पुस्तक प्रकाशित हुई।
जबकि विकल्प 2 में दी गई संस्था ‘इंडियन रिफार्म एसोसिएशन’ की स्थापना केशवचन्द्र सेन द्वारा की गई थी।

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