‘पृथ्वीराज रासो’ का रचनाकार था?

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‘पृथ्वीराज रासो’ का रचनाकार था?

अ. चन्द बरदाई

ब. हरिहर

स. नागरचंद

द. रन्ना

[showhide type=”a” more_text=”Show Answer” less_text= “Hide Answer”]उत्तर— अ[/showhide]

‘पीथल’ द्वारा डिंगल भाषा में लिखे गए ग्रंथ हैं

अ. गंगा—लहरी

ब. बेली किसन—रुक्मिणी री

स. हरि—रास

द. अ व ब दोनों

[showhide type=”b” more_text=”Show Answer” less_text= “Hide Answer”]उत्तर— द[/showhide]

‘वंशभास्कर’ के रचयिता है?

अ. बांकीदास

ब. गौरी शंकर हीराचंद ओझा

स. कविराजा श्यामलदास

द. सूर्यमल्ल मिश्रण

[showhide type=”c” more_text=”Show Answer” less_text= “Hide Answer”]उत्तर— द

व्याख्या—

बूंदी महाराव रामसिंह के दरबारी कवि।

उनका प्रसिद्ध ग्रंथ ‘वंशभास्कर’ है, जिसे उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूरा किया।

‘वीर सतसई’, बल बुद्धिविलास, छंदोमयूख, रामरंजाट, सतीरासो, धातु रूपावली आदि अन्य प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।[/showhide]

राजस्थान के विख्यात इतिहासकार जो एक समाज सुधारक भी थे?

अ. मानकरण शारदा

ब. हरविलास शारदा

स. सी.के.एफ. वाल्टर

द. जमनालाल बजाज

[showhide type=”d” more_text=”Show Answer” less_text= “Hide Answer”]उत्तर— ब[/showhide]

हरविलास शारदा

जन्म: 8 जनू, 1867 ई. को अजमेर में।

निधन: 20 जून, 1955 ई. मं अजमेर में।

उनका संपर्क दयानंद सरस्वती से हुआ।

उन्होंने बाल विवाह निषेध कानून बनवाने में योगदान दिया।

विधवा पुनर्विवाह को ‘आर्य मार्तण्ड’ तथा परोपकारिणी पत्रिका में प्रकाशित किया।

कई पुस्तकें लिखी— हिन्दू सुपीरियारिटी (1906), अजमेर हिस्टॉरिकल एंड डिस्क्रिप्टिव, महाराणा सांगा, हम्मीर ऑफ रणथंभौर, स्पीचेज एंड राइटिंग ऑफ हरविलास शारदा

शंकराचार्य एंड दयानंद, लाइफ ऑफ विरजानंद सरस्वती, महाराणा कुंभा।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्न पढ़ें:

जयसिंह द्वितीय को ‘सवाई’ की उपाधि किसने दी थी?

चूंप नामक आभूषण कहां पहना जाता है?

‘ताराभांत की ओढ़नी’ राजस्थान की किन स्त्रियों की लोकप्रिय वेशभूषा है?

भीलों में ‘छेड़ा फाड़ना’ क्या है?

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