ब्रिटिश पार्लियामेंट में चुना जाने वाला पहला भारतीय कौन था?

कांग्रेस ने ‘स्वराज’ प्रस्ताव वर्ष 1906 में पारित किया, जिसका उद्देश्य था?
अ. अपने लिए संविधान बनाने का अधिकार, परंतु ऐसा नहीं हुआ।
ब. स्वशासन सुनिश्चित करना।
स. उत्तरदायी सरकार
द. स्वयं की सरकार
उत्तर- ब

स्वराज को बतौर राष्ट्रीय मांग के रूप में सर्वप्रथम रखा था?
अ. बी जी तिलक ने
ब. सी आर दास ने
स. दादाभाई नौरोजी ने
द. महात्मा गांधी ने
उत्तर- स
व्याख्या– सर्वप्रथम दादाभाई नौरोजी ने स्वराज को बतौर राष्ट्रीय मांग के रूप में रखा था। 1906 में इनकी अध्यक्षता में प्रथम बार कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में ‘स्वराज’ की मांग की गई। उन्होंने कहा ‘हम दया की भीख नहीं मांगते हम केवल न्याय चाहते हैं। ब्रिटिश नागरिक के समान अधिकारों का जिक्र नहीं करते, हम स्वशासन चाहते हैं।’
दादा भाई नौरोजी को भारत का ग्लैडस्टोन अथवा ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इण्डिया भी कहा जाता है।
‘राजा जनता के लिए बने हैं; जनता राजा के लिए नहीं बनी है।’ राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान दादाभाई नौरोजी ने यह वक्तव्य दिया था। दादा भाई 1892 में लिबरल पार्टी के टिकट पर ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन में चुने जाने वाले पहले भारतीय थे।

ग्रैण्ड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया

दादा भाई नौरोजी आमतौर पर किस नाम से जाने जाते थे?
अ. पंजाब केसरी
ब. गुजरात रत्न
स. गुरुदेव
द. ग्रैण्ड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया
उत्तर- द

दादाभाई नौरोजी के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन असत्य है?
अ. वह पहले भारतीय थे जो एलफिन्स्टन कॉलेज, बंबई में गणित एवं भौतिकी के प्रोफेसर नियुक्त हुए थे।
ब. 1892 में उन्हें ब्रिटिश पार्लियामेंट का एक सदस्य निर्वाचित किया गया था।
स. उन्होंने एक गुजराती पत्रिका, ‘रफ्त गोफ्तार’ का आरम्भ किया था।
द. उन्होंने चार बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता की थी।
उत्तर- द
व्याख्या- दादाभाई नौरोजी पहले भारतीय थे जो एलफिंस्टन कॉलेज, बंबई में गणित एवं भौतिकी के प्रोफेसर नियुक्त हुए। 1892 ई. में ब्रिटिश पार्लियामेंट के प्रथम भारतीय सदस्य निर्वाचित हुए। उन्होंने एक गुजराती पत्रिका ‘रफ्त गोफ्तार’ का आरम्भ किया। लेकिन वे कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर चार बार नहीं बल्कि तीन बार अध्यक्ष नियुक्त हुए थे।

ब्रिटिश पार्लियामेंट में चुना जाने वाला पहला भारतीय कौन था?
अ. रासबिहारी बोस
ब. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
स. दादाभाई नौरोजी
द. विट्ठल भाई पटेल
उत्तर- स

कांग्रेस के लिए समर्थन प्राप्त करने के लिए 1889 ई. में एक समिति स्थापित की गई। निम्न में से कौन उस समिति का सभापति था?
अ. सर डब्ल्यू वेडरबर्न
ब. मि. डिग्बी
स. दादाभाई नौरोजी
द. डब्ल्यू सी बनर्जी
उत्तर- स

निम्नलिखित में से कौन सा कथन दादाभाई नौरोजी के विषय में सत्य नहीं है?
अ. उन्होंने ‘पावर्टी एण्ड अनब्रिटिश रुल इन इंडिया’ पुस्तक लिखी थी।
ब. उन्होंने गुजराती के प्रोफेसर के रूप में यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में कार्य किया था।
स. उन्होंने बम्बई में महिला शिक्षा की नींव रखी थी।
द. वे ब्रिटिश पार्लियामेंट के सदस्य के रूप में अनुदारवादी पार्टी के टिकट पर चुने गए थे।
उत्तर- द

 

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