भारतीयों द्वारा प्रकाशित एवं संपादित समाचार-पत्र

भारतीयों द्वारा प्रकाशित एवं संपादित पत्र
  • 1858 में सोमप्रकाश का प्रकाशन बंगाली साप्ताहिक के रूप में ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने किया। बंगाल में जब नील पैदा करने वाले इलाके में अशांति बढ़ी तो सोमप्रकाश ने किसानों के हितों का जोरदार समर्थान किया।
  • हिंदू पैट्रिअट को विद्यासागर ने ले लिया जिसका संपादन क्रिस्टोदास पाल ‘भारतीय पत्रकारिता का राजकुमार‘ कर रहे थे। उनकी सहायता मदनमोहन घोष तथा द्वारकानाथ टैगोर जैसे नेता कर रहे थे।
  • 1874-75 में इस पत्र के संवाददाता सुरेन्द्रनाथ बनर्जी थे। बाद में ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन ने इसे खरीद लिया था।
  • 1861 में देवेन्द्रनाथ टैगोर तथा मदनमोहन घोष ने इंडियन मिश्र का प्रकाशन शुरू किया।
  • उत्तरी भारत का किसी भी भारतीय द्वारा संपादित दैनिक प्रकाशित होने वाला एकमात्र पत्र इंडियन मिरर था।
  • केशवचंद्र सेन द्वारा प्रकाशित सुलभ समाचार बंगला का महत्वपूर्ण हिन्दी दैनिक पत्र था।
  • 1868 में मोतीलाल घोष ने अमृत बाजार पत्रिका को एक अंग्रेजी-बंगाली साप्ताहिक के रूप में शुरू किया था। इसका दृष्टिकोण राष्ट्रवादी था।
  • 1878 में लिटन के वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट से बचाने के लिए रातों-रात यह अंग्रेजी में प्रकाशित होने लगा।
  • 1891 से इसका दैनिक प्रकाशन होने लगा।
  • जोगेंद्र नाथ बोस ने 1881 में बंगवासी संजीवनी शुरू किया था।
  • 1878 में छोटूलाल मिश्र और दुर्गाप्रसाद मिश्र ने भारत मित्र प्रारंभ किया। कलकता
  • 1899-1907 के बीच जाने-माने लेखक बालमुकुंद गुप्त ने इसका संपादन किया। ‘हिन्दी बंगवासी’ का भी
  • 1907 में रामानंद चटर्जी ने मॉडर्न रिव्यू आरम्भ किया।
  • कालाकांकड से हिंदी में हिंदोस्तान का प्रकाशन स्वामी राजा रामपाल सिंह ने किया। इस पत्र के संपादकीय विभाग से बाालमुकुंद गुप्त, मदन मोहन मालवीय तथा प्रतापनारायण मिश्र जुडे हुए थे।
  • 1861 में आगरा से ‘प्रजा हितैषी‘ तथा इटावा से ‘प्रजाहित’ पत्रिका का प्रकाशन शुरू हुआ।
  • वीर राघवचारी ने 1878 में अंग्रेजी में ‘हिन्दू’ का प्रकाशन शुरू किया और इसके तीन साल बाद यह दैनिक पत्र में परिवर्तित हो गया। हिन्दू का दृष्टिकोण उदार एवं राष्ट्रवादी था।
मराठा और केसरी 
  • ‘मराठा’ बम्बई में अंग्रेजी भाषा में एक साप्ताहिक के रूप में तथा मराठी में ‘केसरी’ 1881 में शुरू हुआ। शुरू में केसरी के सम्पादक आगरकर तथा मराठा के सम्पादक केलकर थे। बाद में इन दोनों समाचार पत्रों का स्वामित्व एवं सम्पादन बाल गंगाधर तिलक के हाथों में आ गया।
  • 1860 में नवीन चंद्र राय क सम्पादन में ‘ज्ञानप्रदायिनी‘ पत्रिका निकलनी शुरू हुई।
  • सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने 1879 में ‘बंगाली‘ का प्रकाशन शुरू किया। यह उदारवादी विचारों वाला अखबार था लेकिन इसने राजनीतिक विचारधारा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
  • 1862 में रानाडे के सम्पादन में ‘इन्दुप्रकाश‘ का प्रकाशन शुरू हुआ। उसके बाद 1864 में बी.एन. मांडलिक ने ‘नेटिव ओपिनियन‘ का सम्पादन शुरू किया।
  • 1867 में भारतेंदु के संपादन में बनारस से कविवचन सुधा प्रकाशित होने लगी। इसकी संपादकीय टिप्पणियां राजनीतिक तथा सामाजिक विषयों पर होती थी।
  • 1872 में भारतेन्दु की अत्युत्तम मासिक पत्रिका हरिश्चन्द्र मैग्जीन का प्रकाशान षुरू हुआ। इस पत्रिका ने देशप्रेम और समाज सुधार के भाव अभिव्यक्त होते थे।
  • 1877 में इलाहाबाद से बालकृष्ठ भट्ट का ‘हिन्दी प्रदीप‘ प्रकाशित हुआ। यह पत्र राष्ट्रीय विचारों का पोशक, स्वाधीन विचारों का समर्थान तथा अपने समय के श्रेष्ठ पत्रों में से एक था।
  • 1884 में काशी से रामकृष्ण वर्मा ने भारत जीवन का प्रकाशन आरंभ किया।
  • 1899 में सच्चिदानंद सिंहा ने अंग्रेजी मासिक ‘हिन्दुस्तान स्टेण्डर्ड‘ रिव्यू की स्थापना की।
  • नरमदल के विचारों को फैलाने के उद्देश्य से बॉम्बे क्रॉनिकल का प्रकाशन फिरोजाशाह मेहता ने 1913 में आरम्भ किया।
  • बंगाल में उग्र राष्ट्रीयवाद को फैलाने का काम अरविन्द घोष और वारीन्द्र घोष ने युगांतर तथा वंदेमातरम् पत्रों के माध्यम से किया।
  • जी. सुब्रह्मन्य के अधीन तमिल में प्रकाशित स्वदेशमित्रन् था।
  • 1900 में जी.ए. नटेशन ने इंडियन रिव्यू का प्रकाशन आरंभ किया।
  • होमरूल आन्दोलन के प्रचार करने के उद्देश्य से एनी बेसेंट ने मद्रास स्टैण्डर्ड को अपने संचालन में लेकर उसे नया नाम न्यू इंडिया दिया।
  • अंग्रेजी साप्ताहिक सर्वेंट ऑफ इंडिया का प्रकाशन 1918 में शुरू हुआ। इस पत्र का संपादन श्रीनिवास शास्त्री ने किया।
  • गांधीजी ने यंग इंडिया और हरिजन का प्रकाशन
  • मोतीलाल नेहरू ने 1919 में अंग्रेजी दैनिक ‘इण्डिपेन्डेंस‘ का प्रकाशन किया।
  • हिन्दी पत्र ‘आज’ की स्थापना शिव प्रसाद गुप्त ने की थी। 1922 में अंग्रेजी दैनिक ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ का प्रकाशन के.एम. पन्निकर के संपादन मे प्रारम्भ किया।
  • अकाली-सिख आंदोलन के परिणामस्वरूप इसकी स्थापना हुई। इसे पं. मदन मोहन मालवीय को बेच दिया। 1927 में इस पत्र को जी.डी. बिडला ने अपने हाथों में ले लिया।
  • मराठी साप्ताहिक क्रांति, वर्कर्स एंड पेंजेंटस पार्टी ऑफ इण्डिया‘ का प्रतिनिधित्व कर रहा था।
  • न्यू स्पार्क- मार्क्सवाद का प्रचार
  • कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना के परिणामस्वरूप कांग्रेस सोशलिस्ट का प्रकाशन शुरू हुआ।
  • एम.एन. राय ने अंग्रेजी साप्ताहिक इंडिपेंडेंट इंडिया।
  • 1930 में एस. सदानंद के संपादन में ‘दी फ्री प्रेस जनरल का प्रकाशन। यह पत्र कांग्रेस तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थक था।
  • 1826 में कानपुर से जुगलकिशोर द्वारा हिन्दी में प्रकाशित उदण्ड मार्तण्ड भारत का पहला हिन्दी का समाचार पत्र है।
सन् 1920-20 के मध्य उर्दू पत्रकारिता
  • 1912 में ‘अल-हिलाल‘ तथा 1913 में ‘अल-विलाग‘ कलकत्ता से प्रकाशित हुए। इन अखबारों को निकालने में मौलाना अब्दुल कलाम आजाद का महत्वपूर्ण योगदान था।
  • मोहम्मद अली ने अंग्रेजी में ‘कामरेड‘ तथा उर्दू में ‘हमदर्द‘ का प्रकाशन आरम्भ किया।
  • बिजनौर से हमीद-उल-अन्सारी ने ‘मदीना‘ तथा लखनउ से ‘हमदम‘ अब्दुल बरी ने प्रकाशन किया।
  • 1910 में गणेश शंकर विद्यार्थी ने राष्ट्रीयता का पोशक और देशी रियासतों की जनता तथा किसान मजदूरों का समर्थक पत्र ‘प्रताप‘ का प्रकाशन शुरू किया।
  • 1913 में गदर का प्रकाशन सेनफ्रांसिस्कों से आरंभ हुआ। यह हिन्दुस्तानी गदर पार्टी का मुख्यपत्र था। यह असांप्रदायिक, धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक भावनाओं से ओतप्रोत समाचार-पत्र था। जनवरी 1914 में पंजाबी में इसका प्रकाशन आरम्भ हुआ।
समाचार एजेंसियां
  • 1935 तक चार समाचार एजेंसियों की भी स्थापना हो चुकी थी। ये एजेंसियां थीः
  • रायटर 1860, ए.पी.आई. ‘एसोसिऐट प्रेस ऑफ इण्डिया 1905
  • यू.पी.आई ‘यूनाइटेड प्रेस ऑफ इण्डिया 1934

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